मान्यता न होना किसी मदरसे को बंद करने का आधार नहीं : हाईकोर्ट, श्रावस्ती में मदरसे पर लगी सील 24 घंटे में हटाने के आदेश, देखें हाईकोर्ट ऑर्डर

मान्यता न होना किसी मदरसे को बंद करने का आधार नहीं : हाईकोर्ट

श्रावस्ती में मदरसे पर लगी सील 24 घंटे में हटाने के आदेश, देखें हाईकोर्ट ऑर्डर


लखनऊइलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बिना मान्यता संचालित मदरसों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ मान्यता न होने के आधार पर किसी मदरसे को बंद करने का कोई वैधानिक प्रविधान नहीं है। इसी के साथ न्यायालय ने श्रावस्ती के मदरसा अहले सुन्नत इमाम अहमद रजा पर लगी सील को 24 घंटे में हटाने का आदेश भी दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने उक्त मदरसा प्रबंधन की याचिका पर दिया। याचिका में श्रावस्ती के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के एक मई 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उन्होंने मदरसा को बंद करने का आदेश दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि बिना मान्यता के मदरसा चलने से विद्यार्थियों को भविष्य में शैक्षिक लाभ मिलने में कठिनाई हो सकती है। 

हालांकि न्यायालय ने कहा कि संबंधित नियमावली में ऐसा कोई प्रविधान नहीं है, जिसके तहत केवल मान्यता के अभाव में मदरसे का संचालन रोका जा सके। न्यायालय ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का मदरसा बंद करने का आदेश निरस्त कर दिया। 

हालांकि न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक मदरसे को मान्यता  प्राप्त नहीं होगी, तब तक वह किसी भी प्रकार की सरकारी अनुदान राशि का दावा नहीं कर सकेगा और न ही मदरसा शिक्षा बोर्ड उसके छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के लिए बाध्य होगा। इसके साथ ही ऐसे मदरसे से प्राप्त योग्यता का उपयोग राज्य सरकार से संबंधित किसी भी लाभ के लिए नहीं किया जा सकेगा।

देखें हाईकोर्ट ऑर्डर 👇 





एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ