ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ सोशल मीडिया में बेसिक शिक्षकों का फूटा आक्रोश, X पर चलाया विरोध अभियान

ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ सोशल मीडिया में बेसिक शिक्षकों का फूटा आक्रोश, X पर चलाया विरोध अभियान


■ सुबह हाजिरी लगाने आधे घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया
■ विभिन्न संगठन अलग अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे


सोशल मीडिया पर चलाया अभियान

बेसिक शिक्षकों ने रविवार को कि 'एक्स' पर #boycott ऑनलाइनहाजिरी अभियान चलाया। इसमें शिक्षकों ने मांग की उन्हें 15 सीएल, 30 ईएल व 15 हाफ सीएल दिया जाए। इसके बाद ही शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी को स्वीकार करेंगे। सभी शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक 20 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद भी शासन की आंख नहीं खुलती हैं तो कार्य बहिष्कार का फैसला लिया जा सकता है।




लखनऊ । परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार से ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए भी शिक्षक अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस बीच डीजी स्कूल शिक्षा ने ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए आधे घंटे का अतिरिक्ति समय दे दिया है।


डीजी स्कूल शिक्षा ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि आठ जुलाई से शिक्षकों के विद्यालय आने का समय डिजिटल उपस्थिति पंजिका में सुबह 7:45 बजे से आठ बजे तक दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए थे। अग्रिम आदेश तक 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। इस तरह शिक्षक अब सुबह 8:30 बजे तक (कारण सहित उल्लिखित करते हुए) अपनी उपस्थित दर्ज करा सकेंगे। यह सूचना सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी भेजी गई है।


उधर, विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सोमवार से प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपेगा। 


प्राथमिक शिक्षक संघ संबद्ध अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आठ जुलाई को विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध करने की घोषणा की है। इसके बाद नौ जुलाई को सभी जिलों में बीएसए को ज्ञापन सौंपेंगे। 


शिक्षकों का कहना है कि अभी बारिश का मौसम चल रहा है। रास्ते कट जाते हैं। ऐसे में यदि शिक्षक फंस जाता है और एक मिनट भी देरी से पहुंचता है तो वह अनुपस्थित माना जाएगा। ऐसे ही जाड़े के दिनों में घना कोहरा होने पर स्कूलों में पहुंचने में थोड़ी देरी हो सकती है।

यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि संगठन ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में हाईकोर्ट की शरण में जा रहा है। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि यह आदेश न्यायसंगत नहीं है।



डिजिटल अटेंडेंस पर बेसिक शिक्षकों का विरोध तेज, टैबलेट पर चेहरा दिखाकर उपस्थिति लगाने की व्यवस्था का व्यापक स्तर पर विरोध शुरू


काली पट्टी बांध करेंगे काम, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक संगठनों ने बैठक कर जताई नाराजगी

कहा, निर्णय वापस नहीं लिया तो तेज करेंगे आंदोलन

15 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से शिक्षकों, कर्मचारियों की डिजिटल अटेंडेंस (टैबलेट पर चेहरा दिखाकर उपस्थिति) लगाने की व्यवस्था का व्यापक स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। रविवार को विभिन्न शिक्षक संगठनों ने बैठक कर इस पर नाराजगी जताई। साथ ही सोमवार से काली पट्टी बांधकर काम करने और 15 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।



विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में डिजिटल अटेंडेंस को काले कानून की संज्ञा दी गई। प्रदेश व जिला पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि सभी ने एक स्वर से इस व्यवस्था का विरोध किया है। हम जिला स्तर पर प्रदर्शन कर सीएम को ज्ञापन भेजेंगे। साथ ही मांग करेंगे कि पहले शिक्षकों की ईएल, सीएल, हाफ डे जैसी मांग पूरी की जाए। बरसात की दिक्कत को देखते हुए फिलहाल डिजिटल अटेंडेंस स्थगित की जाए।

वहीं, उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ की प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक लखनऊ संघ कार्यालय पर हुई। प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षकों, शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों के मांगों का बिना समाधान किए, शिक्षक संगठनों से समन्वय के बिना एकतरफा काला कानून को थोपने पर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि शासन की आंख नही खुलती हैं तो कार्य बहिष्कार का ऐलान किया जायेगा। विभाग पहले लंबित मुद्दों पर निर्णय ले, उसके बाद डिजिटल अटेंडेंस लागू करे।


उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की पीडब्ल्यूडी सभागार में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्य ने डिजिटल अटेंडेंस को स्थगित करने की मांग की। बेसिक शिक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में संगठन ने शिक्षकों को ईएल, सीएल, हाफ डे, प्रतिकर अवकाश देने की मांग की। साथ ही 15, 20 मिनट देर होने पर किसी तरह की कार्रवाई न करने की मांग की है। 


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित कार्यालय में हुई जिला व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में 11, 12 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों से बैठक कर उनका मत जानने और उसके बाद आगे के आंदोलन की घोषणा करने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने इस निर्णय के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की है। इस मामले में सोमवार को डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है।



एक्स पर बायकाट ऑनलाइन अटेंडेंस कराया ट्रेंड

शिक्षकों ने डिजिटल अटेंडेंस के खिलाफ रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अभियान चलाया। दोपहर तक लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों ने इसे शेयर किया। इसके माध्यम से उन्होंने इस व्यवस्था को स्थगित करने की मांग की। हालांकि विभाग अभी पीछे हटने को तैयार नहीं है।


आज से परिषदीय स्कूलों में दर्ज होगी ऑनलाइन उपस्थिति, 
विभाग ने 30 मिनट की दी राहत, 8.30 बजे तक लगेगी हाजिरी

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की मांग और दिक्कत को देखते हुए शिक्षकों, कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्धारित समय सुबह 7:45 से 08 बजे तक में राहत दी है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से संबंधित अधिकारियों को सूचित किया है कि डिजिटल उपस्थिति पंजिका पर शिक्षक उपस्थिति अंकित करने के लिए 30 मिनट का अतिरिक्त समय यानी 8:30 बजे तक (कारण सहित उल्लिखित करते हुए) का समय दिया गया है। हालांकि शिक्षक इससे संतुष्ट नहीं है। 




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