निदेशक ने पूर्व में जारी आदेश को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश कहा-
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल अटेंडेंस के विरोध के बीच सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसे वेतन बिल के साथ पेश करने के भी निर्देश दिए हैं। इससे अब माध्यमिक विद्यालयों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस को लेकर सख्ती होगी।
राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में 2022 व उससे पहले भी यह व्यवस्था लागू करने का आदेश हुआ था। कई जीआईसी, जीजीआईसी में यह व्यवस्था लागू भी हुई है, लेकिन शमीण क्षेत्र के काफी राजकीय व एडेड विद्यालयों में यह पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। इसे देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने अब सभी 2389 से अधिक राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इसे प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सभी डीआईओएस को पत्र भेजकर कहा है कि जारी आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं। इस संबध में पहले भी आदेश दिए गए थे। प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से शिक्षकों-कर्मचारियों के हर माह के वेतन बिल के साथ बायोमेट्रिक अटेंडेंस भी भेजेंगे। उसी आधार पर वेतन बिल पास होगा।
अधिकारियों के दफ्तरों में भी लागू हो व्यवस्था
राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पांडेय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि पहले सभी विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों, प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य की भी बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य की जाए। क्योंकि दफ्तरों में अक्सर न अधिकारी मिलते हैं और न ही उनके कनिष्ठ और पटल सहायक। अगर पहले दफ्तरों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस को लेकर सख्ती नहीं की गई तो राजकीय विद्यालय के शिक्षक भी आदेश का विरोध करेंगे।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति अनिवार्य किये जाने के संबंध में।

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